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दुनिया के अनमोल कहानी !

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https://twitter.com//mukeshu32167268 ना पहेलियाँ हैं,ना कहानियाँ हैं, जहाँ मतलबी लोग मिलते हैं, वही हमारी दुनिया है। सच,ये है कि इंसान हर पल के सुख भुल जाता है, जब दो पल के दुख सामने आता है।  कैसे बताऊ उन लोगो को , जिनके आँखे होते हुये भि ठोकर खाते है। लोग कहते है कि, सोच हमेशा बड़ी रखनी चाहिये,मगर सिर्फ सोच से कुछ नहीं हो सकता ,  अपने अंदर हौसले और बुलंद रखनी चाहिये, अगर आपके पास हौसले और बुलंद है तो बड़ी से बड़ी कमयाबियाँ आपके कदम चुमेगी। एक बात और बता दूं कि -  जबतक पतंग डोर से बंधी होती है, तब तक हि आसमान कि उचाँईओ को छू पाती है। क्यो देते हो दोष आपनी किस्मत को ,  किस्मत तो अपनी पसिनो से लिखा जाता है।                        ........Thank you.........                        Selfe of bloger [ मुकेश उपाध्याय ] [ बड़कि नैनिजोर ] Teem - mukesh upadhyay  ...

आदर्श छात्र का जिवन

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आज हम बात करते है, कि आदर्श  छात्र जिवन कैसा होता है? क्या होता है? कब तक होता है? तो चलिए    topik -- छात्र होना एक विशेष पहचान है। छात्र का जिवन एक अग्नि में तपे हूऐ लोहे के समान होता है। छात्र जिवन एक साच्चे में ढलने वाले मिट्टी के समान होता है। जिसे जिस साच्चे में ढाल दिया जाता है, उसी साच्चे की तरह हो जाता है। जो एकदम कठोर होजाता है, जिसे हम आगे नहि बदल सक्ते । और ए कहा जाता है कि student life is good life क्योकि मेंहनत होती है, मगर थकावट नही‌, सदा खुस रहते है। सुख नहीं, ऐ बाते आप सुने होंगे कि विद्दा चाहने वालो को सुख कहाँ और सुख चाहने वालो को विद्दा कहाँ । आदर्श छात्र बर्फ क्या पत्थर भी पिघला सकता है। हाँ आदर्श छात्र को परिश्रम तबतक करना चाहिए जबतक लक्ष्य न मिल जाय । कुछ लोग ऐसे होते है, जो कोई कार्य करते है, और कहते हैं कि होगा तो ठिक नहि होगा तो भी ठिक मगर ये गलत है। एक आदर्श छात्र के जिवन में किसी कार्य को करने से पहले उस कार्य को अपना लक्ष्य मानना । और उसे पाने का प्रयास हि नहिं बल्कि पाना हि एक best student का work हैं। Teem :- mukesh upadhyay barki nainijore ...

तनाव और क्रोध से उबरना

#तनाव# किसी व्यक्ति के अपने जिवन की मांगों के प्रति उसकी शारीरिक और मनोवैज्ञानिक प्रतिक्रिया है। तनाव सकारात्मक या नकारात्मक हो सकता है #सकारात्मक तनाव - खुशनुमा, वांछित तनाव होता है जिसे आप कोई खेल खेलते समय या घूमते समय महसूस कर सकते है। #नकरात्मक तनाव - ऐसा तनाव जो आप बीमारी के दौरान या जिवन में कोई भयंकर बदलाव आने पर महसूस कर सकते हैं। note:- पहले आप तनाव पैदा करने वाले वजह(स्ट्रेसर) पर ध्यान दिजिये कोई ऐसी बात जो तनाव पैदा करती है। note:- तनाव का अध्ययन करने वाले शुरुआती लोगो मे से एक #डाँ._हैंस_सेल्ये ने लोगों को दो श्रेणियों: रेस के घोड़े और कछुए में बांटा । रेदौडना पसंद करता है और इसे सीमित जगह में कैद कर दिए जाने पर दम घुटने से मर जाएगा। दूसरी तरफ, कछुए को अगर ट्रेडमिल पर दौड़ने के लिए मजबूर किया जाए , तो यह अपनी धीमी प्रकृति के विपरीत बहुत तेज चलने की वजह से थककर मर जाएगा ।हममें से हर किसी को अपने तनाव का स्वस्थ स्तर खोजना होता है, जो रेस के घोड़े और कछुए के बीच कहीं होता है। आप चाहे रेस के घोड़े हों या कछुए, ऐसी स्थितियों का सामना करने पर आप तनाव महसूस कर सकते हैं। note:...

थोड़ी सी गलतिया जिवन भर रूलाती है क्यो ?

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हम सब जानते है। कि पढाई हि हमारी जड़ है, तो क्यो न हम पहले जड़ मजबुत करले। यदि ग्यान बल अमिरी पाना चाहते हो तो सफल इंसान से नहि बलकि असफल इंसान से सलाह लो क्योकि असफल इंसान कमिया बताता है, कि कहाँ हुई थी कमियाँ,  आप कमियाँ पकड़कर सफल बन सकते है। सबसे पहले हम पढाई कि बात करले - बहुत ऐसे छात्र है जो पढाई कम करते है, वहि दो-चार वर्ष बाद पश्चाते है कि कास उस समय हम थोड़ा सा और मेहनत करलेते तो आज हम भी आसमान से तारे जमिन पर ला देते। मगर थोड़ी सी कमियाँ कि वजह से पुरी जिन्दगी पश्चताना पड़ता है। इसलिये पढो दुबारा समय नहि आयेंगा। जो भि ठानो अधूरा नहि पुरा करो।
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  umukesh851  शिक्षा क्या है? शिक्षा को कैसे टिकाउ बनाए? आइये जानते हैं! हर एक क्षेत्र में शिक्षा कि जरूत है, किसी भि चिज को समझने अथवा उनकि पहचान करने के लिये शिक्षा कि बहुत जरुरत है। किसि भि कार्य को करने के लिये ग्यान होना जरूरी है। शिक्षा को टिकाउ बानाने के लिये :- उसको एकाग्र मन से पढना फिर समझना फिर उसको बोलने अथवा लिखने का प्रयास करना उसे अधिक से अधिक पढने पर वो टिकाउ बन सकते है। have a naice day plize -flow to twitter.com/mukeshu32167268 flow to instagram.com/upadhyay8654

क्या आप जानते है, कि हमारें राष्र्टिय धवज्ज क्यो अलग-अलग रंग मे विभक्त हैं?

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 हामारे देश का तिरंगा तिन रंगो मे विभक्त है। 1 भग्वाँ(केशरी) 2 सफेद 3 हरा 1 रंग भग्वाँ है, क्योकि हिन्दू यँहा ज्यादा है और उन्ही का राज चलता है। 2 रंग सफेद है, क्योकि सिक्ख धर्म के लोग हिन्दु काष्ट में हि आते हैं। 3 रंग हरा है, क्योकि मुस्लिम कि याहा नही चलती । बाकी चक्र में जो रंग है, वो बाकी सब धर्मो के लिये है। हमारे देश के झंण्डे को धर्म के अधार पर बाटाँ गया है। ये हि नहिं भग्वाँ कि वजह हि इस देश का नाम हिन्दुस्तान पड़ा ॥ मगर लोगो के सहमती के लिये कुछ और बताया गया॥

viro ke dharti hai ye' aksar ensan bhi kam nahi viro to janam lenge hi kabhi ajad to kabhi virngna rani lakshimi banke,, mujhe bhartiy hone par garv hai . apne desh ke liye sar katana hi pade to kata dunga magar sar jhuka nahi sakta,vande matram,!! _mukesh upadhyay(barki nanijor)